बड़ागांव की भू-माफ़िया – गुड़िया कश्यप

एक ओर उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे विधानसभा चुनाव के दौरान लगातार जीरो टॉलरेंस,अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश की बात करते नज़र आये और उसी के चलते प्रचंड बहुमत भी हासिल करने में कामयाब रहें , मगर दूसरी अवैध कब्ज़े को लेकर खबरे लगातार सामने आ रही है। बुलडोज़र बाबा की सरकार कही जाने वाली योगी आदित्यनाथ की सरकार में ज़मीनी अपराध थमने का नाम नहीं ले रहें है। ताज़ा मामला सामने आया है राजधानी लखनऊ से सटे काकोरी ब्लॉक के बड़ागांव ग्रामसभा का ,जहा एक महिला खुद को भू-माफिया साबित कर रही है। महिला का नाम गुड़िया कश्यप ,पत्नी राजू कश्यप बताया जा रहा है ,जो अपने पूरे परिवार के साथ मिलकर ज़मीन कब्ज़ा करती है। ज़मीन चाहे ग्राम समाज की हो या सरकारी संपत्ति, गुड़िया कब्ज़ा करने से पीछे नहीं हटती। गुड़िया को न पुलिस का डर है , न ही प्रसाशन का।

पीछले एक महीने पहले करीमाबाद निवासी राहुल पांडेय ,पुत्र बृजमोहन पांडेय जिनके बाबा की करीमाबाद में पैतृक ज़मीन है ,जिसकी गाटा संख्या – 787स है उसे गुड़िया कश्यप ने अपने टेंट के सामान को रखने हेतु कुछ दिनों के लिए माँगा था ,जिसे राहुल पांडेय ने सामाजिकता के नाते दे दिया था। राहुल पांडेय बताते है की जब कुछ दिनों बाद उन्होंने गुड़िया से ज़मीन खाली कारने के लिए कहा तो गुड़िया अपने पति राजू कश्यप और बच्चों संग राहुल को गालिया देने लगी और मारने की कोशिश भी की। राहुल जो अपने परिवार के साथ आलमनगर ,लखनऊ में रहते है ,उनका कहना है की बीते रविवार को कुछ ग्रामवासियों द्वारा उन्हें सूचना प्राप्त होती है की गुड़िया कश्यप उनकी ज़मीने पर पक्का निर्माण कर रही है ,राहुल ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन न. 112 पे अपनी शिकायत दर्ज करवाई जिसका इवेंट आई दी न. P10042204249 है और इसके साथ-साथ काकोरी चौकी इंचार्ज विनय सिंह को भी मामले की सूचना दी।पुलिस के द्वारा अभी तक कोई उचित कार्यवाही नहीं होती नज़र आ रही है।

कुछ ग्रामीणों का ये भी कहना है की गुड़िया गांव की दबंग महिला है और उसने पहले भी कई ज़मीनो पे कब्ज़ा कर रखा है। गुड़िया सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा करने से भी परहेज नहीं करती है

सन 2016 में भी गुड़िया ने सरकारी ज़मीन पर की थी कब्जेदारी

सूत्रों की मानें तो बीते साल 2016 में गुड़िया कश्यप ने अपने परिवार के साथ मिलकर ग्राम बड़ागांव ,परगना काकोरी स्थित सरकारी भूमि जिसकी गाटा संख्या है -1232,रकबा 3.723 हेक्टेयर है ,जो राजस्य अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज हैं ,उसे भी कब्ज़ा कर रखा था। इसी के साथ ही आगरा एक्सप्रेस निर्माण के दौरान भी गुड़िया सरकारी निर्माण में भी बाधा बनी रही ,सरकारी नर्माण हेतु मिट्टी की जरूरत पडने पर भी गुड़िया सरकारी कर्मचारियों को मिट्टी प्राप्त करने से रोकने लगी जिसके बाद राजस्य द्वारा पुनः पैमाइश करवाकर पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण कार्य कराया गया।इसके बाद भी गगुडिया शांत नहीं बैठी और मिटटी पट जाने के बाद भी उसने सरकारी ज़मीन पर अपनी बोरिंग करवा ली

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