अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी अपने झूठे फेसबुक पोस्ट के कारण एक बार फिर विवादों में

अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी का विवादों से पुराना नाता है। वह अपने झूठे फेसबुक पोस्ट के लिए फिर से सुर्खियों में हैं, जिसे उन्होने कल अपडेट किया था। इंदौर कोर्ट के समक्ष तसलीम चूड़ीवाला की जमानत अर्जी इस पोस्ट का विषय थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ”आज इंदौर कोर्ट में तस्लीम चूड़ी वाले की जमानत की अर्जी पर बहस थी, शाम 6 बजे तक जमानत पर निर्णय आ जायेगा। हमारी लीगल टीम ने अच्छी बहस की है, एड. एहतेशाम हाशमी साहब, एड. अपूर्वा सिंह जी, एड. नूरजहॉं ख़ान जी, एड. जय हार्डिया जी, एड. ज्वलंत सिंह जी, और एड. शेख़ अलीम जी तस्लीम पर लगाये गये फर्ज़ी मुक़दमे के ख़िलाफ़ न्यायिक मदद कर रहे हैं।”

इस झूठे पोस्ट की भनक लगते ही लोगों ने सोशल मीडिया पे इमरान प्रतापगढ़ी की कड़े शब्दों में आलोचना की। गौरतलब है की, एहतेशाम हाशमी अपनी बहादुरी और हिम्मत के लिए जाने जाते हैं। वह कम से कम एक चापलूस नहीं है। वह एक जानी-मानी हस्ती हैं जो सिर्फ जरूरतमंद की मदद करना चाहते हैं। इमरान प्रतापगढ़ी ने अपना प्रचार करने के लिए तथा अच्छी छवि पेश करने के लिए अपने फेसबुक प्रोफाइल पे तस्लीम चुड़ीवाले की कानूनी टीम की एक तस्वीर अपलोड की और एहतेशाम हाशमी की टीम को अपना लीगल टीम बताया।

इसके अलावा, 3 जून, 2021 को अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने के बाद से, इमरान प्रतापगढ़ी ने कई मौकों पर पार्टी का नाम ऐसे विवादों के तहत बदनाम किया है। यह घटना बेहद शर्मनाक है क्योंकि उन्होंने अपने व्यक्तिगत लाभ और प्रचार के लिए तसलीम चुड़ीवाले जैसे जरूरतमंद की स्थिति का फायदा उठाने में संकोच नहीं किया।

एक वायरल वीडियो में तस्लीम को पुरुषों के एक झुंड ने पीटा था। उन्हें पीटा, लूटा और भीड़ द्वारा किसी भी “हिंदू क्षेत्र” में प्रवेश न करने की धमकी दी गई थी। उसके बाद उन पर जालसाजी, धोखाधड़ी और मामूली छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया। तस्लीम को एहतेशाम हाशमी और उनकी कानूनी टीम न्यायिक जमानत दिलाने में मदद कर रही है।

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